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हिमाचल में अभी बारिश से राहत नहीं, 24 अगस्त तक मौसम खराब; इसके बाद कम होने के आसार

हिमाचल में बारिश का दौर जारी, भूस्खलन से 98 सड़कें बाधित

शिमला में झमाझम बारिश से नाले उफने, सड़कों पर आया पानी

24 अगस्त तक बारिश के आसार, 25 से 28 अगस्त तक राहत की उम्मीद


शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है और प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार को बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी शिमला में सुबह कुछ देर तक झमाझम बारिश हुई, जिससे शहर के कई नाले उफान पर आ गए। कुछ स्थानों पर नालों का पानी सड़कों तक पहुंच गया। हालांकि दोपहर बाद शिमला में धूप खिलने से लोगों को कुछ राहत मिली।

बारिश के बीच प्रदेश में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की समस्या भी बनी हुई है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार शाम तक प्रदेश में जगह-जगह भूस्खलन के कारण 98 सड़कें बाधित थीं। इसके अलावा 89 बिजली ट्रांसफार्मर और 42 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। इससे कई क्षेत्रों में यातायात और आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ा है।

प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी शनिवार सुबह तेज बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सड़क मार्गों पर मलबा आने के बाद लोक निर्माण विभाग की मशीनरी को भी सफाई और यातायात बहाल करने के काम में लगाया गया है।

24 अगस्त तक बारिश, इसके बाद मिलेगी राहत

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के कुछ भागों में 24 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद 25 से 28 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियों में कमी आने के आसार हैं। मौसम विभाग ने आज यानी 22 अगस्त को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार 22 अगस्त को प्रदेश में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। 23 और 24 अगस्त को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। सप्ताह के बाकी दिनों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को भूस्खलन संभावित स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लगातार बारिश के बीच नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और पहाड़ियों से मलबा गिरने का खतरा बना रह सकता है।

अगले 24 घंटे में तापमान में गिरावट

बारिश और बादल छाए रहने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में भी बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। हालांकि इसके बाद अगले तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में फिर 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के आसार हैं।

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। धर्मशाला में 68.2 मिलीमीटर, नगरोटा सूरियां में 60.4 मिलीमीटर, कांगड़ा एयरो में 51.0 मिलीमीटर, सुजानपुर टीहरा में 39.8 मिलीमीटर, गुलेर में 35.4 मिलीमीटर, बरठीं में 25.6 मिलीमीटर और नेरी में 31.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

बिलासपुर में तेज बारिश से सड़कें बनीं मुश्किल

शनिवार सुबह बिलासपुर जिले में हुई तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण कई जगहों पर सड़कों पर मलबा आ गया। वहीं निर्माणाधीन सड़कों पर जलभराव होने से लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

कई स्थानों पर सड़क किनारे बनी नालियों और नालों से पानी के साथ मलबा बहकर मुख्य सड़कों तक पहुंच गया। इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। जिन क्षेत्रों में सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्य चल रहे हैं, वहां बारिश का पानी जमा होने से स्थिति और मुश्किल हो गई।

बारिश के बाद लोक निर्माण विभाग की टीमें सक्रिय हुईं। विभागीय कर्मचारियों और मशीनरी की मदद से सड़कों पर जमा मलबा हटाने और यातायात को सुचारू करने का काम शुरू किया गया। लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में दोबारा मलबा आने की आशंका भी बनी हुई है।

नागनाला में फिर भूस्खलन, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

उधर उत्तरशाल क्षेत्र के कटौला में नागनाला के पास शनिवार को एक बार फिर बड़ा भूस्खलन हुआ। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। भूस्खलन के बाद क्षेत्र में आवाजाही को लेकर भी खतरा बढ़ गया है।

स्थानीय लोगों ने ग्रामीणों से नागनाला और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के आसपास नहीं जाने की अपील की है। लोगों को बिना जरूरी काम के इस क्षेत्र में आवाजाही से बचने और बच्चों को अकेले वहां नहीं भेजने की सलाह दी गई है।

बारिश के दौरान लोगों से पहाड़ी के नीचे, नदी-नालों के आसपास और भूस्खलन संभावित स्थानों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा गया है। नागनाला में हुए भूस्खलन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

कुल मिलाकर प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। 24 अगस्त तक बारिश का असर बने रहने और उसके बाद कुछ राहत मिलने का अनुमान है। हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा मौसम साफ होने तक बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।